Top IAS Coaching Center in Dehradun | ऑल वेदर रोड परियोजना
Top IAS Coaching Center in Dehradun उत्तराखंड में ऑल वेदर रोड परियोजना: चुनौतियाँ और प्रशासकीय दृष्टिकोण
(PCS Mock Interview – Probable Question Answer Format)
उत्तराखंड एक हिमालयी राज्य है जहाँ भौगोलिक दुर्गमता, प्राकृतिक आपदाएँ और सीमित संपर्क लंबे समय से विकास में बाधा रही हैं। इसी संदर्भ में ऑल वेदर रोड (All Weather Road – AWR) परियोजना को चारधाम यात्रा, सीमा सुरक्षा, पर्यटन, आपदा प्रबंधन और क्षेत्रीय विकास के लिए एक रणनीतिक आधारभूत संरचना के रूप में देखा गया।
हालाँकि यह परियोजना अत्यंत महत्वाकांक्षी है, लेकिन इसके क्रियान्वयन के दौरान कई पर्यावरणीय, सामाजिक, तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियाँ सामने आई हैं। PCS साक्षात्कार में यह विषय उम्मीदवार की संतुलित सोच, संवैधानिक समझ और नीति–प्रशासनिक दृष्टिकोण को परखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 1: ऑल वेदर रोड परियोजना क्या है और उत्तराखंड के लिए इसका महत्व क्या है?
उत्तर:
ऑल वेदर रोड परियोजना का उद्देश्य ऐसी सड़कों का निर्माण करना है जो साल भर, हर मौसम में (बारिश, बर्फबारी, भूस्खलन के बावजूद) सुचारू रूप से चालू रह सकें।
चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाना
सीमावर्ती क्षेत्रों में सामरिक मजबूती
आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्य
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
दूरस्थ गांवों को मुख्यधारा से जोड़ना
यह परियोजना विकास और सुरक्षा दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 2: ऑल वेदर रोड परियोजना को लेकर सबसे बड़ी भौगोलिक चुनौती क्या है?
उत्तर:
सबसे बड़ी चुनौती है हिमालय की युवा और संवेदनशील भू-आकृति।
उत्तराखंड हिमालय:
भूगर्भीय रूप से अस्थिर (Seismically Active)
तीव्र ढलान, कमजोर चट्टानें
अधिक वर्षा और बर्फबारी
लगातार भूस्खलन की प्रवृत्ति
इन परिस्थितियों में चौड़ी सड़कें बनाना तकनीकी रूप से जटिल और जोखिमपूर्ण हो जाता है।
प्रश्न 3: ऑल वेदर रोड और भूस्खलन के बीच क्या संबंध है?
उत्तर:
ऑल वेदर रोड परियोजना में:
पहाड़ों की कटाई
ढलानों का तीव्र विस्तार
विस्फोट (Blasting)
मलबे का अनुचित निस्तारण
इन कारणों से:
ढलान कमजोर हो जाते हैं
प्राकृतिक जल निकासी बाधित होती है
भूस्खलन की आवृत्ति बढ़ जाती है
जिससे सड़कें बार-बार बंद होती हैं और जान-माल की हानि होती है।
प्रश्न 4: पर्यावरणीय दृष्टि से ऑल वेदर रोड परियोजना की प्रमुख चुनौतियाँ क्या हैं?
उत्तर:
पर्यावरणीय चुनौतियाँ निम्न हैं:
वनों की कटाई और जैव विविधता को नुकसान
वन्यजीव गलियारों में अवरोध
नदियों में मलबा गिरने से जल प्रदूषण
हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र पर दबाव
कार्बन फुटप्रिंट में वृद्धि
इन मुद्दों को लेकर पर्यावरणविदों और सुप्रीम कोर्ट तक में चिंताएँ उठाई गई हैं।
प्रश्न 5: सुप्रीम कोर्ट और ऑल वेदर रोड परियोजना का क्या संबंध है?
उत्तर:
ऑल वेदर रोड परियोजना को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पर्यावरणीय याचिकाएँ दायर की गईं।
सुप्रीम कोर्ट ने:
पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया
विशेषज्ञ समिति गठित की
सड़क की चौड़ाई और डिज़ाइन पर पुनर्विचार के निर्देश दिए
यह मामला विकास बनाम पर्यावरण की बहस का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
प्रश्न 6: सामाजिक दृष्टि से स्थानीय लोगों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है?
उत्तर:
स्थानीय समुदायों को:
भूमि अधिग्रहण की समस्या
मुआवज़े में देरी
घरों और खेतों को नुकसान
धूल, शोर और प्रदूषण
आजीविका पर अस्थायी प्रभाव
इन कारणों से कई क्षेत्रों में स्थानीय असंतोष भी देखा गया है।
प्रश्न 7: ऑल वेदर रोड परियोजना में तकनीकी चुनौतियाँ क्या हैं?
उत्तर:
तकनीकी चुनौतियाँ हैं:
पहाड़ी क्षेत्रों में आधुनिक इंजीनियरिंग का अभाव
स्थानीय भूगर्भीय अध्ययन की कमी
रिटेनिंग वॉल और ड्रेनेज सिस्टम की कमजोरी
गुणवत्ता नियंत्रण में असमानता
मौसम के कारण निर्माण में बाधा
यदि तकनीकी मानकों का पालन न हो, तो सड़कें शीघ्र क्षतिग्रस्त हो जाती हैं।
प्रश्न 8: जल निकासी (Drainage) व्यवस्था इस परियोजना में क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर:
उत्तराखंड में भारी वर्षा होती है। यदि:
जल निकासी सही न हो
पानी सड़क के नीचे जमा हो
ढलानों से पानी का दबाव बढ़े
तो:
सड़क धंस जाती है
भूस्खलन बढ़ता है
इसलिए ऑल वेदर रोड के लिए वैज्ञानिक ड्रेनेज सिस्टम अनिवार्य है।
प्रश्न 9: आपदा प्रबंधन के संदर्भ में ऑल वेदर रोड कितनी महत्वपूर्ण है?
उत्तर:
ऑल वेदर रोड:
आपदा के समय राहत पहुंचाने का मुख्य साधन
SDRF, NDRF की त्वरित पहुँच
मेडिकल इमरजेंसी में जीवन रक्षक
लेकिन यदि सड़क खुद आपदा का कारण बन जाए, तो इसका उद्देश्य विफल हो जाता है। इसलिए आपदा-संवेदनशील डिज़ाइन आवश्यक है।
प्रश्न 10: क्या ऑल वेदर रोड परियोजना पर्यटन को प्रभावित कर रही है?
उत्तर:
हाँ, दोहरे रूप में:
सकारात्मक: यात्रा सुगम, समय कम, पर्यटकों की संख्या बढ़ी
नकारात्मक: प्राकृतिक सौंदर्य को नुकसान, अव्यवस्थित निर्माण
यदि संतुलन न रखा जाए, तो पर्यटन की स्थिरता खतरे में पड़ सकती है।
प्रश्न 11: ऑल वेदर रोड और चारधाम यात्रा के बीच क्या संबंध है?
उत्तर:
ऑल वेदर रोड का मुख्य उद्देश्य चारधाम यात्रा को:
सुरक्षित
कम समय में
हर मौसम में संभव बनाना
लेकिन अत्यधिक चौड़ी सड़कें:
तीव्र ट्रैफिक
भीड़
पर्यावरणीय दबाव
भी बढ़ाती हैं। इसलिए चारधाम क्षेत्र में संतुलित विकास मॉडल आवश्यक है।
प्रश्न 12: एक PCS अधिकारी के रूप में आप इन चुनौतियों से कैसे निपटेंगे?
उत्तर:
PCS अधिकारी के रूप में मैं:
स्थानीय भूगर्भीय अध्ययन को प्राथमिकता दूँगा
पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) का सख्त पालन
स्थानीय लोगों को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करूँगा
गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी मजबूत करूँगा
वैकल्पिक मार्ग और सुरंग आधारित समाधान पर विचार करूँगा
प्रश्न 13: सुरंग (Tunnel) आधारित विकास को आप कैसे देखते हैं?
उत्तर:
सुरंग आधारित सड़कें:
कम भूमि अधिग्रहण
कम वनों की कटाई
भूस्खलन का जोखिम कम
हालाँकि:
लागत अधिक
तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता
फिर भी दीर्घकालिक दृष्टि से यह अधिक टिकाऊ समाधान है।
प्रश्न 14: ऑल वेदर रोड परियोजना में नीति स्तर पर क्या सुधार आवश्यक हैं?
उत्तर:
नीति सुधार:
हिमालयी राज्यों के लिए अलग इंफ्रास्ट्रक्चर नीति
Carrying Capacity आधारित डिज़ाइन
पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन
पारदर्शिता और जनभागीदारी
दीर्घकालिक रखरखाव नीति
प्रश्न 15: क्या ऑल वेदर रोड परियोजना पलायन रोकने में सहायक हो सकती है?
उत्तर:
हाँ, यदि:
सड़क के साथ रोजगार
पर्यटन
स्वास्थ्य और शिक्षा
बाज़ार तक पहुँच
सुनिश्चित हो।
सिर्फ सड़क बना देने से पलायन नहीं रुकेगा, समग्र विकास आवश्यक है।
प्रश्न 16: वित्तीय और समयबद्धता से जुड़ी चुनौतियाँ क्या हैं?
उत्तर:
लागत में वृद्धि
बार-बार मरम्मत
समय पर कार्य पूर्ण न होना
मानसून में काम रुकना
ये सभी परियोजना की प्रभावशीलता को प्रभावित करते हैं।
प्रश्न 17: ऑल वेदर रोड परियोजना में पारदर्शिता क्यों जरूरी है?
उत्तर:
पारदर्शिता से:
भ्रष्टाचार पर रोक
गुणवत्ता सुनिश्चित
जनता का विश्वास
न्यायिक विवाद कम
RTI, सोशल ऑडिट और डिजिटल मॉनिटरिंग आवश्यक हैं।
प्रश्न 18: भविष्य में ऑल वेदर रोड परियोजना को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है?
उत्तर:
भविष्य के लिए:
स्मार्ट रोड तकनीक
ड्रोन और GIS आधारित निगरानी
ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर
स्थानीय इंजीनियरिंग समाधान
हिमालयी संवेदनशीलता को केंद्र में रखकर नीति
निष्कर्ष
उत्तराखंड में ऑल वेदर रोड परियोजना विकास की आवश्यकता है, लेकिन यह तभी सफल हो सकती है जब:
पर्यावरणीय संतुलन
सामाजिक न्याय
तकनीकी गुणवत्ता
प्रशासनिक संवेदनशीलता
साथ-साथ चलें। PCS साक्षात्कार में यह विषय उम्मीदवार की विवेकशीलता, संतुलित दृष्टिकोण और व्यावहारिक प्रशासनिक क्षमता को स्पष्ट रूप से उजागर करता है।
एक सक्षम प्रशासक वही है जो विकास को प्रकृति के साथ संघर्ष नहीं, बल्कि सहयोग के रूप में देखे।
